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क्या बाबा रामदेव का ‘हनीमून’ वाला बयान भाजपा के लिए हानिकारक हो सकता है?

Posted On: 28 Apr, 2014 Junction Forum में

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“राहुल गांधी दलितों के घर हनीमून या पिकनिक के लिए जाते हैं। यदि उन्होंने किसी दलित लड़की से शादी की होती तो उनकी किस्मत चमक सकती थी और वह प्रधानमंत्री बन जाते”: बाबा रामदेव


खबर है कि अकसर अपने योग शिविरों के जरिए सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस पर हमला करने वाले योग गुरु बाबा रामदेव ने लखनऊ में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निजी हमला कर न केवल राजनीति का पारा गर्म किया बल्कि दलित समुदाय को भी भारी आघात पहुंचाया। रामदेव के उपरोक्त बयान पर समाज के हर वर्ग ने खासकर दलित वर्ग ने खासी नाराजगी व्यक्त की है। रामदेव के बयान की गंभीरता को देखते एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है वहीं चुनाव आयोग ने एक आदेश जारी कर धार्मिक संगठनों और समूहों की ओर से धार्मिक समागम, योग शिविर और जुलूस आदि निकालकर किसी उम्मीदवार या पार्टी के समर्थन या विरोध में अपील करने पर पाबंदी लगा दी है। वैसे अपने बयान पर मचे बवाल के बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने दिए वक्तव्य पर अफसोस जताया है।


विपक्ष

बाबा रामदेव के इस बयान के बाद समाज का हर वर्ग उनके खिलाफ सक्रिय हो चुका है। उनके विरोधी उन्हें ‘विकृत मानसिकता’ वाले व्यक्ति के तौर पर देख रहे हैं, जिसके मन में दलित महिलाओं के लिए कोई सम्मान का भाव नहीं है। कांग्रेस नेता और वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने इस बयान को शर्मनाक और अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि ‘मुझे शर्मिंदगी महसूस होती है कि कोई व्यक्ति इस तरह का बयान देता है और फिर भी एक राजनीतिक दल (भाजपा) उसे गले लगाए हुए है। बसपा प्रमुख मायावती तो चुनाव बाद उन्हें देख लेने की बात कर रही हैं। जानकारों का एक वर्ग मानता है कि राजनीतिक दल भाजपा और उनके नेता नरेंद्र मोदी का नाम जपने वाले बाबा रामदेव का यह बयान भाजपा को नुकसान पहुंचा सकता है। रामदेव के इस बयान को कई राजनीतिक दल भाजपा के नुकसान के साथ जोड़कर देख रहे हैं।


पक्ष

वहीं दूसरी तरफ रामदेव के समर्थकों और भाजपा के कई नेताओं ने इस बयान के लिए मीडिया को कटघरे में खड़ा किया है। उनका मानना है कि रामदेव ने जो बयान दिया है उसे एक व्यंग्यात्मक रूप में लिया जाना चाहिए। राजनीति में इस तरह के बयान अकसर और भी नेता देते रहे हैं जैसे – केजरीवाल का हनीमून पीरड समाप्त हो गया, इसका मतलब यह तो नहीं कि केजरीवाल हनीमून मनाने गए थे। हनीमून का वक्त समाप्त हो गया है, जैसे शब्द का राजनीतिक भाषा में सामान्य प्रयोग होता है। उधर भाजपा ने रामदेव के बचाव में उतरते हुए कहा कि वह एक ‘संत’ हैं और उनके शब्दों को उसी परिप्रेक्ष्य में देखना चाहिए, जिस परिप्रेक्ष्य में वे कहे गए हैं और इसे कांग्रेस नेताओं की धारणा के मुताबिक नहीं देखा जाना चाहिए।


उपरोक्त मुद्दे के दोनों पक्षों पर गौर करने के बाद निम्नलिखित प्रश्न हमारे सामने हैं जिनका जवाब ढूंढ़ना नितांत आवश्यक है, जैसे:


1. बाबा रामदेव द्वारा राजनीतिक रूप से इस तरह की बयानबाजी करना कितना सही है ?

2. इस तरह की बयानबाजी के पीछे क्या रामदेव का कोई राजनीतिक एजेंडा है?

3. क्या वह सच में कालेधन, भ्रष्टाचार और परिवारवाद के मुद्दे पर गंभीर हैं?

4. क्या उनका यह बयान देश में कांग्रेस के खिलाफ उनकी पीड़ा को दर्शाता है?

5. क्या रामदेव का यह बयान भाजपा को नुकसान पहुंचा सकता है?


जागरण जंक्शन इस बार के फोरम में अपने पाठकों से इस बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे पर विचार रखे जाने की अपेक्षा करता है। इस बार का मुद्दा है:


क्या बाबा रामदेव का ‘हनीमून’ वाला बयान भाजपा के लिए हानिकारक हो सकता है?


आप उपरोक्त मुद्दे पर अपने विचार स्वतंत्र ब्लॉग या टिप्पणी लिख कर जाहिर कर सकते हैं।

नोट: 1. यदि आप उपरोक्त मुद्दे पर अपना ब्लॉग लिख रहे हैं तो कृपया शीर्षक में अंग्रेजी में “Jagran Junction Forum” अवश्य लिखें। उदाहरण के तौर पर यदि आपका शीर्षक “क्या रामदेव का कोई राजनीति एजेंडा हैं ” है तो इसे प्रकाशित करने के पूर्व “क्या रामदेव का कोई राजनीति एजेंडा हैं” – Jagran Junction Forum लिख कर जारी कर सकते हैं।


2. पाठकों की सुविधा केलिए Junction Forum नामक कैटगरी भी सृजित की गई है। आप प्रकाशित करने के पूर्व इस कैटगरी का भी चयन कर सकते हैं।


3. अगर आपने संबंधित विषय पर अपना कोई आलेख मंच पर प्रकाशित किया है तो उसका लिंक कमेंट के जरिए यहां इसी ब्लॉग के नीचे अवश्य प्रकाशित करें, ताकि अन्य पाठक भी आपके विचारों से रूबरू हो सकें।


धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार


Web Title : Baba Ramdev's remarks against Dalits could spoil BJP's vote debate



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21 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Suneel Saraf के द्वारा
May 11, 2014

हनीमून का गलत मतलब निकाला जा रहा है. कोई नयी नौकरी ज्वाइन करता है तो शुरूआती समय को हनीमून पीरियड कह कर सम्बोधित किया जाता है इसका अर्थ योन सम्बन्धो तो कतई नहीं होता| नयी सरकार आने पर भी विपक्ष कुछ दिन उसकी आलोचना से परहेज करता है क्योकि यह उस सरकार का हनीमून पीरियड कहा जाता है | रामदेव जी का बयान भी इसी सन्दर्भ में लिया जाना उचित है| जो लोग इस बात का अनर्थकारी अर्थ निकाल रहे है वह लोग ही दलितों के शत्रु है जो एक सही बात की अनर्थकारी व्याख्या कर दलित समाज को बदनाम कर रहे है

MEHRA COMMUNALS के द्वारा
May 9, 2014

“हिन्दोस्तान के दलित बाबा रामदेव के घर मेहमान बनकर हनीमून या पिकनिक के लिए जाना चाहते हैं क्योंकि बाबा रामदेव के संस्कारों के अनुसार उनके घर पर आये हुये मेहमान को हनीमून या पिकनिक मनाने कि सुविधा दी जाती है ।

RATAN LAL SHARMA के द्वारा
May 9, 2014

सामान्यतः हर इन्शान के मन में अन्य तथ्यों पर अनेको विचार या कल्पना उभरती है परन्तु वो व्यक्ति जो उच्च पद पर विराजमान है या उनका वचन पुरे जान मानस को प्रभावित करती हो उन्हें हर बात बहुत ही सोंच समझकर प्रभासित करना चाहिए ताकि उनके कहे हुए वचन से किसी भी तरह से समाज को या राष्ट्र को छति न पहुंचे.

rajesh के द्वारा
May 7, 2014

रामदेव जी को ऎसे बायन देने से बचना चाहिए

ANUPAM के द्वारा
May 5, 2014

तुम्हारा भी बुरा दिन नजदीक आ ही चूका है रामदेव

Dhruvkesh के द्वारा
May 2, 2014

मै ऎसे योग गुरु को कहता हु के वो योग की आड़ मे ये गन्दा काम क्यों कर रहे है किस बी राजनैतिक पार्टी का साथ नई देना चाहिए और उनके मुख से ऎसे शब्द जो बिलकुल बी ठीक नही है ओके और ये उनके बयान इस देस की शांति को भांग करने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे ओके !

Mohammad के द्वारा
May 2, 2014

यहाँ प्रश्न यह नहीं है कि बाबा रामदेव कि हनीमून वाले बयान से भाजपा को नुकसान होगा या नहीं प्रश्न यह होना चाहिये कि क्या इस तरह की अमर्यादित भाषा का उपयोग बाबाओं को शोभा देता है या नहीं? इस तरह के बयान को किस राजनीतिक दल से भी जोड़ कर नहीं देखना चाहिए. कहने कि आवश्यकता नहीं है कि लोकतंत्र में व्यक्ति विशेष को अपने विचारों को लोगों कि समक्ष रखने कि स्वंतन्त्रा है. परन्तु जिस प्रकार की बात रामदेव ने राहुल गांधी कि बारे में कर रहें हैं क्या वो कोई विचार है? रामदेव ने जिस प्रकार काले धन का मुद्दा उठाया था वो सराहनीय है, मगर उन्होंने ने गांधी परिवार पर जिस तरह का व्यक्तिगत हमला क्या है उससे प्रकट होता है कि वो असल मुद्दों कि काफी दूर चले गए हैं और सिर्फ भाजपा का चुनाव प्रचार कर रहे हैं.

PANKAJ AGRWAL के द्वारा
May 1, 2014

तथा कथित दलित प्रेमी बुद्ध‍िजीवी, विरोधी राजनीतिज्ञ जिस प्रकार एक शब्द विशेष को तूल देकर अर्थ का अनर्थ कर रहे हैं उससे रामदेव बाबा की नहीं बल्कि उनकी जग हँसाई अधिक हो रही है। हनीमून अंगेजी के शब्द का प्रयोग केवल विवाहेतर सम्बन्ध के लिए ही प्रयोग नहीं होता वरन ऐसे सभी सम्बन्धों के लिए प्रयोग होता है जो मधूर सम्बन्ध अल्पकालिक होते हैं चाहे वो दो संगठनों के बीच हों, अथवा दो व्यक्तियों के मध्य।

meenakshi के द्वारा
May 1, 2014

बाबा रामदेव का यह बयान – “राहुल गांधी दलितों के घर हनीमून या पिकनिक के लिए जाते हैं। यदि उन्होंने किसी दलित लड़की से शादी की होती तो उनकी किस्मत चमक सकती थी और वह प्रधानमंत्री बन जाते”: भाजपा के लिए हानिकारक हो सकता है ; या नहीं अथवा उपर्युक्त किसी भी विषय को सिद्ध करे या न करे परन्तु इतनी बात अवश्य सिद्ध हो रही है कि – उनकी सोच कैसी हो गयी है ? इतनी ओछी बात जुबान से कैसे बाहर निकाली ? मेरे विचार से आज उनकी छवि “योग गुरू” की मिटती जा रही है और नयी छवि उभर रही है जो सामाजिक दृष्टिकोण से अच्छी नहीं प्रतीत हो रही है . क्योंकि जो योगी होता है ; उसका हर बात में योग दिखता है; संयम दिखता है – जो उसे दिन-प्रति दिन सम्मान दिलाता रहता है . अत: उनको अपनी पुनः छवि सुधारने के लिए सच्चाई से योग साधना में जुटाना चाहिए . मीनाक्षी श्रीवास्तव

Shyam Sunder Gupta के द्वारा
April 30, 2014

भाजपा पर कोइ फर्क नही पडेगा  बाबा जी की बात का गलत मतलब जानबूझ कर निकाला गया है

h kumar के द्वारा
April 30, 2014

this type of messages convey to explore the caste-nisum, why he interest in politics ???? why does not he consentrate is work, which published to know…

abhishek के द्वारा
April 30, 2014

बाबा रामदेवजी विश्वप्रसिद्ध भारतीय योग-गुरु हैं जिनके लिए जनकल्याण धर्म से बड़ा है। उनके सामाजिक सरोकारों की सीमा उन्हें वर्तमान के कई संन्यासियों से अलग पहचान देती है।बाबा रामदेव स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस,बाबा शाहेब अम्बेटकर को अपना आदर्श मानते हैं। समाज को जागरूक करने और कुरीतियों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने के लिए बाबा रामदेव ने बहुत मेहनत की हैं। उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक किया है। योग को कंदराओं और आश्रमों से निकाल कर आम आदमी से जोड़ा है, इसका श्रेय उन्हें दिया ही जाना चाहिए। वह भी ऐसे मौके पर जब बहुराष्ट्रिये कंपनियों के बढ़ते शिकंजे के चलते महंगी हुई आधुनिक चिकित्सा गरीब लोगों से दूर होती जा रही है। ऐसे में बाबा ने मुफ़्त का योग देकर देश के करोड़ों लोगों का भला किया है। सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि जो काम तमाम सरकारी कोशिशें नहीं कर सकतीं, उस स्वास्थ्य चेतना का काम बाबा ने कर दिखाया। बाबा रामदेव पिछले 25 वर्षो से लगातार निःस्वार्थ भाव से समाजसेवा कर रहे है उनके योग शिवरो मे 85% स्वास्थ,अध्यात्म,जीवन जीने कि कला आदि कि बाते होती है 10% भारत को बचाने के लिये रास्ट्रनीती कि बाते होती है 5% में देश के लोगो को देश कि सच्चाई बताते है ओर जागरूक करते है रामदेव जी पहले ऐसे सन्यासी है जिन्होंने दलितों का पाद्पूजन किया है और रामदेव जी ने पतंजलि योगपीठ में तो महर्षि बाल्मीक के नाम पर एक धर्मशाला बनाई जहाँ रोज़ हजारो लोग रुकते है और भोजन करते है ये व्यवस्था एक दम निःशुल्क है आज दलितों के नाम पर कांग्रेस ओर मीडिया बाबा को बदनाम कर रही है लेकिन शायद ये लोग नहि जानते कि बाबा ने जो देश कि सेवा कि है उसे ये देश कभी नहि भूलने वाला है देश कि आम जनता बाबा जी साथ है उनके इस बयान का बीजेपी के ऊपर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा बाबा जी से हम निवेदन करेगे कि जिस तरह आपने देश कि सभी समस्याओं को समाप्त करने का संकल्प लिया है उसी तरह इस भ्रस्ट मीडिया को भी सही करने कि जिम्मेदारी ले तब ही इस देश का भला होगा। आप भी लाभ लेना चाहते है बाबाजी के योग का तो आस्था चैनल सुबह 5 से 8 एक बार जरूर देखे। में तो रोज़ देखता हु और करता हु और स्वस्थ रहता हु

    Mohammad के द्वारा
    May 2, 2014

    अभिषेख जी – इसमें कोई शक नहीं कि आपकी बात का बहुत अंश तथ्यों पर आधारित है, परन्तु मैं एक ही बात कहूँगा कि आजतक हमने सुना था कि ‘सत्तर चूहे खाके बिल्ली चली हज को’ मगर ये नहीं सुना कि ‘हज करके बिल्ली चली चूहे खाने’. जिस तरह का व्यवहार रामदेव कर रहें उससे बाबा और सन्यासी की मर्यादा आहत हो रही है.

Mohan Gupta के द्वारा
April 30, 2014

बाबा का बयान उचित नही कहा जा सकता क्योकि सन्त समपूर्ण समाज का माार्ग दर्शक होते है. 

R.D.Verma के द्वारा
April 29, 2014

Ramdev is not saint at all. He is pure proffessional just like advocate,doctor. Yoga and and production of ayurvedic medicine is his business..Term Baba is being wrongly used as prefix of his name. He is staunch supporter of B.J.P.and B.J.P.owns his remarks by defending him. yes atleast 10to15% women will definitely go away from B.J.P.

aryaji के द्वारा
April 29, 2014

बाबा रामदेव ने अपने मिशन की शुरुआत जिस महान लक्ष्य ,औसत भारतीय हो स्वस्थ ले निरोगी काया और प्राचीन भारतीय उपचार पद्धति की सर्व स्वीकार्यता ,से भटक कर धन पिपासूवों और राजनितिक अखाड़ेबाज़ो के चंगुल में जा फंसे हैं। अब उनका अपनी ज़ुबान और शरीर सहित दिमाग पर भी नियंत्रण नहीं रहा। एक आदर्श पुरुष के रूप में ,एक नव प्रणेता के रूप में ,एक निःस्पृह, संभाव ,परोपकारी की जो दृष्टि और वाणी उनमे होनी चाहिए थी वह उन्होंने खो दी है। वें एक करप्ट सी डी की तरह सभी को अस्वीकार्य भाषा बोल रहे हैं। राष्ट्र निर्माण ,राष्ट्र कल्याण ,ईमानदार समाज ,मेहनतकश इन्शान बनाने और राष्ट्र को विश्वगुरु बनाने के लिए ऐसी भाषा की तो कतई जरुरत नहीं है। दुनिया को नैतिकता ,शिष्टाचार, सभ्यता और आदर्श का पाठ पढने वाले को दूसरे से कोई अपेक्षा रखने से पहले अपनी भाषा और आचरण सुधारना जरुरी है।

TRILOK CHAND के द्वारा
April 29, 2014

अब ये अहंकारी बाबा या तो अपने जैसे विचारो वाली के साथ भाग जायेंगे जैसे की रामलीला मैदान से भागे थे या जेल में मच्छरों से मार काट योग सीखेंगे.

TRILOK CHAND के द्वारा
April 29, 2014

अब इस अहंकारी बाबा के दिन भी ..आशाराम और उनके लड़के जैसे आ गए हे.अब य या तो किसी अपने जैसी विचारो वाली के साथ भाग जायेंगे जैसे रामलीला मैदान से भागे थे. या ..आशा राम की तरह जेल में सड़ेंगे…और लोग इन्हे रामदेव की जगह रावण देव बोलेंगे…और जेल में मच्छरों से मार काट योग सीखेंगे

leena23 के द्वारा
April 29, 2014

bhajpa ke liye yeh nuksandayak hoga yaa nahi iska toh pata nai, lekin ramdev ke liye yeh jarur nuksandayak hone wala he.

    jeetesh rana के द्वारा
    May 12, 2014

    बाबा रामदेव भाजपा का चमचा है इस ने दलितों का अपमान किया है यह राजनीतिक रूप से विकलांग है इस पर जुर्माना और सजा दोनो ही होनी चाहिये साथ ही इस वयान पर कांग्रेस महासचिव राहुलगांधी को प्रथिमिकी दर्ज करानी चाहिये । ओर इस पाखंण्डी ढोंगी बाबा को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिये जिस से भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की भद्दी टिपड़्ड़ी न करे ।


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