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पाकिस्तान से भागकर आते हिंदू: अत्याचार से पीड़ित या घुसपैठ की नई चाल?

Posted On: 20 Aug, 2012 में

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भारत में पिछले साल सितंबर से ही पाकिस्तान के अल्पसंख्यक हिंदुओं का प्रवास जारी है। तीस दिनों का धार्मिक वीजा लेकर यह अल्पसंख्यक हिंदू भारत आकर अपने आप को जैसे किसी जेल से आजाद हुआ महसूस कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ अमानवीय अत्याचारों की हद पार की जा रही है। कहीं लूटपाट हो रहा है तो कहीं किसी हिंदू लड़की का रेप, जबरन धर्म परिवर्तन और शादी तो जैसे आम बात हो गई है। प्रशासन इनकी तरफ देखने को राजी ही नहीं है। ऐसे में बड़ी आस लगाकर यह लोग धार्मिक वीजा लेकर भारत आ रहे हैं और यहां से कभी ना जाने का मन बना चुके हैं। भारत की हवा में इन्हें आजादी की असली खुशबू महसूस होती है।


भारत आने वाले पाकिस्तानी हिंदुओं को पीड़ित की श्रेणी में रख कर उन्हें भारत में शरण देने की वकालत करने वाले लोगों का मानना है कि भारत में जहां राजनीति और राजकीय सेवाओं में मुस्लिमों की एक बड़ी संख्या देखने को मिलती है, स्कूल और कॉलेजों में उन्हें विशेष छूट दी जाती है वहीं पाकिस्तान में तो हिंदुओं को उनके मूलभूत अधिकारों से ही वंचित रखा जाता है। भारत ने हमेशा एक धर्मनिरपेक्ष देश का सर्वोत्तम उदाहरण पेश किया है तो वहीं पाकिस्तान में कट्टरवाद हावी है जो किसी भी सूरत में किसी अन्य धर्म को अपने ऊपर हावी नहीं होने देता है। पाकिस्तान वोट बैंक तक को अपने धर्म के रास्ते में नहीं देखता तो वहीं भारत में अकसर वोट बैंक के कारण नरसंहार देखने को मिल जाते हैं। हाल ही में हुआ असम दंगा इसकी एक बानगी है।


लेकिन इस सिक्के का एक दूसरा पहलू भी है। भारत आ रहे पाकिस्तानी हिंदुओं को शक की निगाह से देखने की सलाह देने वाले मानते हैं कि पाकिस्तान और भारत के कटु रिश्तों को देखते हुए भारत को ऐसे मामले में सतर्क रहना होगा। पाकिस्तानी हिंदुओं की स्थिति बेशक मार्मिक है लेकिन यहां आ रहे लोग हिंदू ही हैं इस बात की कोई गारंटी नहीं है। कई जानकार और रक्षा विशेषज्ञ इस आवाजाही को घुसपैठ का एक तरीका मान रहे हैं। उनके अनुसार कुछेक पीड़ितों की आड़ में पाकिस्तान इन हिंदुओं के रूप में अपने आतंकी भारत में भेज रहा है जो देश की सुरक्षा में एक बड़ा सेंध साबित होने वाले हैं। पाकिस्तान समय-समय पर भारत में घुसपैठ करता रहा है। हाल ही में कश्मीर में मिला सुरंग इस बात को और पुख्ता करता है। अगर ऐसा होता है तो आने वाले समय में देश को एक बार फिर मुंबई के 26/11 जैसे हालातों के लिए तैयार रहना चाहिए।


उपरोक्त चर्चा और वर्तमान परिदृश्य पर विचार करने के बाद हमारे सामने निम्नलिखित प्रश्न उठते हैं जिनका जवाब ढूंढ़ना नितांत आवश्यक है, जैसे:


1. क्या भारत को पाकिस्तान से भागकर आए हिंदुओं को बिना किसी जांच-पड़ताल के शरण दे देनी चाहिए?

2. क्या वाकई भारत में भारी संख्या में आ रहे कथित रूप से पीड़ित हिंदू सही मंशा से यहां आ रहे हैं?

3. आखिर क्यों भारत पाकिस्तान में रह रहे हिंदू परिवारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी रूप से आवाज नहीं उठाता है?

4. क्या अपने आतंकियों को पीड़ित हिंदुओं के रूप में शरण दिलाकर घुसपैठ कराने की पाकिस्तान की यह कोई नई चाल है?


जागरण जंक्शन इस बार के फोरम में अपने पाठकों से इस बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे पर विचार रखे जाने की अपेक्षा करता है। इस बार का मुद्दा है:


पाकिस्तान से भागकर आते हिंदू: अत्याचार से पीड़ित या घुसपैठ की नई चाल?


आप उपरोक्त मुद्दे पर अपने विचार स्वतंत्र ब्लॉग या टिप्पणी लिख कर जाहिर कर सकते हैं।


नोट: 1. यदि आप उपरोक्त मुद्दे पर अपना ब्लॉग लिख रहे हों तो कृपया शीर्षक में अंग्रेजी में “Jagran Junction Forum” अवश्य लिखें। उदाहरण के तौर पर यदि आपका शीर्षक “पाकिस्तान से आते हिंदू” है तो इसे प्रकाशित करने के पूर्व पाकिस्तान से आते हिंदू – Jagran Junction Forum लिख कर जारी कर सकते हैं।

2. पाठकों की सुविधा के लिए Junction Forum नामक नयी कैटगरी भी सृजित की गई है। आप प्रकाशित करने के पूर्व इस कैटगरी का भी चयन कर सकते हैं।


धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार



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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yogesh lalwani के द्वारा
August 25, 2012

हिंदू भारत आकर अपने आप को जैसे किसी जेल से आजाद हुआ महसूस कर रहे हैं। यह सच है

S N SHARMA के द्वारा
August 24, 2012

जांच कराकर बसाने की पोलिसी होनी चाहिए गान्धी व नेहरू जैसे धरम के गदारो के कारण  आज हिन्दू अपने ही ढेश मे दोयम दरजे के नागरिक हैं

pankaj kumar srivastava. के द्वारा
August 22, 2012

बेशक सरकार के लिए कठीन समय है लेकिन इस बीना पर एक बार फिर इनको मौत के मुहँ में ढकेल देना सही है,शायद मेरी नजर से तो हरगीज नहीं. सरकार का अपना गुपतचर महकमा कहाँ है.

MUKESH के द्वारा
August 21, 2012

पाकिस्तान एक आतंकी देश है, वहां की बदनाम आई.अस.आई. कुछ भी कर सकती है. इसीलिए पाक से आ रहे हिन्दुओ की भी जांच हो, इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन इसकी aad में unka utpeedan न हो, क्योंकि हिन्दू समाज पाकिस्तान में नारकीय जीवन को सह कर ही यहाँ आ रहा है. इसके साथ ही पाक से आ रहे kalakaro और समझोता एक्सप्रेस या बस द्वारा आने वालो पर भी कड़ाई हो, हमारे यहाँ कुछ बुध्हि हीन, लेखक (जैसे कुलदीप नय्यर ) पाकिस्तान की bhasha बोलते रहते है, इनकी भी जांच होनी chahiye.

Amit Brahmbhatt के द्वारा
August 21, 2012

I am strongly against admission of any Person in India from Pakistan, even if he is Hindu. Because India have been suffering the consequences of infiltration of crores of Bangladeshi in India & now they have got number of identity card like Ration Card, Voter Card. This is nothing else but wicked plane of congress to increase his vote bank. You will agree with me friends that Congress is a party, which under the shelter of non secularism welcome all Pakistani Muslims to India with red carpet treatment. So presently looking at the very very delicate situation non of the person from Pakistan to India should be admitted.

    rajesh के द्वारा
    August 21, 2012

    बेवकूफ आज तक तुम्हे कितने हिन्दू आतंकी दिखे है तुम जैसो के चलते ही आज हिन्दुओ की यह दुर्दसा है .

rajesh के द्वारा
August 21, 2012

देश में आये दिन बड़े पैमाने पर पाकिस्तान से हिन्दू पालयन कर पहुच रहे है जिनके रोजगार और बेहतर भविष्य पर चर्चा ना कर हम आज यहाँ यह चर्चा करने में मशगुल है की कही यह पाकिस्तान की कोई सोची समझी साजिश तो नहीं तो यह चिंतनीय और घोर निंदा का विषय है क्योकि जिस प्रकार से पिछले कुछ दिनों में मीडिया में यह खबर आई और वह इनके ऊपर हो रहे जुल्म को दिखाया गया उसमे यह सक कही से जायज नहीं लगता देश का अल्प संख्यक वर्ग यदि म्यामार में हिंसा होता है तो यहाँ हिंसा करता है वही दूसरी और बहुसंख्यक कहलाने वाला हिन्दू अपने पाकिस्तानी हिन्दू भाई को भी सक की तरह देखता है तो उसे मर ही जाना /१९४७ में ३२ प्रतिशत हिन्दू आबादी पाकिस्तान में थी जो की अब घाट कर मात्र १.७ % रह गई है आखिर इतनी बड़ी आबादी गई कहा इसपर कही कोई चर्चा नहीं हो रही है की कैसे पाकिस्तानियो ने धर्मपरिवर्तन करवा कर तो कहिओ मार काट कर इस बड़ी आबादी को गायब कर दिया लेकिन इसके बाद भी हम हिन्दुओ के घुसपैठ और सुरक्षा का हवाला दे रहे है जबकि उस हिन्दू से पूछो जो हिन्दू अपना घर बार काम काज पाकिस्तान में छोड़ कर सिर्फ जान बचने के लिए हमारे पास सरन लेने पहुच गया है .मेरी यह मांग है की भारत सरकार अविलम्ब इनके पुनर्वास की व्यवस्था करे ताकि इनके मानवाधिकारो का हनन ना हो .

Sanjay के द्वारा
August 21, 2012

पाकिस्तान से भारत आने वाले हिन्दुओं को शक की निगाह से हिन्दू ही देखेंगे. ये हिन्दुओं की हजारों साल पुरानी फितरत है की हिन्दुओं का मुसीबत में साथ नहीं देना. इसी आदत ने उन्हें २००० सालों तक ग़ुलाम रखा मगर अभी भी अक्ल नहीं आई. असली खतरा जो पूर्व से आ रहे बंगलादेशी मुसलमानों से है जो पिछले ४० साल से भारत में आते जा रहे हैं और नयी नयी समस्याएं खड़ी कर रहे हैं उस ओर कोई ध्यान नहीं देता. गाँधी और नेहरु ने जिन समस्याओं को विरासत में जानबूझ कर छोड़ा है वो देश को खा कर ही दम लेंगी. हिन्दू कभी सुधरने वाले नहीं है और दूसरों को इस देश से कोई मतलब नहीं है.

SHAILESH KUMAR के द्वारा
August 21, 2012

पाकिस्तान से सभी हिन्दुओ और सिखो को वापस बुलाकर, केरल और कश्मीर में स्थापित किया जाना चाहिए और यंहा के देशद्रोही मुसलमान को हिटलर के तरह सरहद पार भेज देना चाहिए/

sneha के द्वारा
August 21, 2012

कोंग्रेस सरकार को राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की चिंता है पाकिस्तान की हिंदूओं के बारे में सोचने का समय कहा हैं. 

sumit के द्वारा
August 21, 2012

यहां सवाल उठता है भारत की कूटनीति पर, भारतीय सरकार इस मसले पर ऐसे खामोस बैठी है जैसे उसे कुछ पता ही नहीं. भारतीय सरकार की ढुलमुल रवैए से ही पाकिस्तान भारत के खिलाफ इस तरह की कार्यवाही करने सफल हो जाता है.

pitamberthakwani के द्वारा
August 20, 2012

भारत में आने वाले हिन्दू सिंधी, पाक की कोई साजिश भी हो सकती है ,यदि ये अपने भारतीय सिंधी rishatedaar के यहाँ रहने की बात करते हैं, तो उनकी जांच करवाई जासकती है ,aur main ek ‘सिंधी’ hone के naate daave के saath kah sakataa hoon यदि ve vaastaw में हिन्दू सिंधी हैं तो un par bharosaa na karane kaa कोई kaaraN hee naheen banataa!bhaarat में rah rahe har सिंधी भारतीय ko vishawaas aur bhaarat के priti ईमानदार होने kaa pryaay manaa jaa sakataa हैं,ve kaise bhool sakate है की desh vibhaajan के samaya bhaarat aur bhaarateeyon ne hee unhe sharaa de कर paalaa posaa thaa!


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