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नरेंद्र मोदी – भाजपा के भावी उद्धारक या एक तानाशाह व्यक्तित्व ??

Posted On: 18 Jun, 2012 में

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जैसे-जैसे वर्तमान प्रधानमंत्री का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है वैसे-वैसे यह बहस भी तेज होती जा रही है कि भारत के अगले प्रधानमंत्री पद का सबसे प्रमुख दावेदार कौन है. अंतर्विरोध के हालातों से जूझ रही देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी भाजपा की तरफ से नरेंद्र मोदी की दावेदारी को प्रमुख माना जा रहा है. इसमें कोई दो राय नहीं है कि गुजरात की तकदीर बदलने में नरेंद्र मोदी ने एक अहम भूमिका का निर्वाह किया है लेकिन इसके साथ ही उन पर तानाशाही करने जैसे कई बड़े आरोप भी लगते रहे हैं. हाल ही में संजय जोशी और नरेंद्र मोदी के विवाद में भी नरेंद्र मोदी ने उन्हें पार्टी से बेदखल करवाकर अपने तानशाह व्यवहार की पुष्टि कर दी. हम इस बात को नकार नहीं सकते कि योग्य होने के साथ-साथ भाजपा में भी नरेंद्र मोदी का प्रभाव बहुत अधिक है लेकिन क्या उनका प्रधानमंत्री बनना तानशाही को निमंत्रण देने जैसा है?


बहुत से लोगों का यह मानना है कि नरेंद्र मोदी के ही कारण गुजरात देश का एक प्रमुख राज्य बन पाया है. गुजरात का सबसे बड़ा और लोकप्रिय ब्रांड बनने के बाद नरेंद्र मोदी अब संपूर्ण भारत के विकास और प्रगति के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं. भले ही नरेंद्र मोदी गुजरात दंगों के आरोप झेल रहे हैं लेकिन इसके बाद उनका प्रदेश पूरी तरह शांत और सुरक्षित है. वह किसी भी भेदभाव को बढ़ावा ना देकर केवल विकास को महत्व देने वाले कद्दावर नेता हैं.


वहीं दूसरी ओर मोदी का विरोध करने वाले लोगों की भी कोई कमी नहीं है. इनका कहना है कि नरेंद्र मोदी एक अहंकारी और तानाशाह किस्म के व्यक्ति हैं. वह अपने अलावा किसी को कुछ नहीं समझते. हर हाल में अपनी जिद मनवाने वाले नरेंद्र मोदी खुद को भाजपा हाईकमान के रूप में प्रचारित करने लगे हैं, जबकि आज भी भाजपा में आडवाणी जैसे कई वरिष्ठ और अनुभवी नेता मौजूद और सक्रिय हैं. भाजपा के इतिहास में किसी ने पार्टी की नीतियों और आदर्शों का उल्लंघन नहीं किया लेकिन वह एक अपवाद के रूप में अपनी पहचान बनाने पर तुले हुए हैं. पार्टी में भले ही उनका रुतबा बढ़ गया हो लेकिन हमें ऐसा प्रधानमंत्री नहीं चाहिए जो पार्टी के साथ-साथ देश को भी अपने अनुसार ही चलाना चाहे.


नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी के पक्ष और विपक्ष को समझने के बाद निम्नलिखित सवाल उठते हैं जिन पर चर्चा होनी चाहिए, जैसे:


1. मोदी का तानाशाह रवैया उन्हें किस सीमा तक समस्त भारत की जनता के लिए स्वीकार्य बना सकता है?

2. आज भी भाजपा में आडवाणी जैसे कई नेता मौजूद हैं तो ऐसे में नरेंद्र मोदी खुद को राष्ट्रीय पहचान दिलवा पाने में कितना सफल हो सकते हैं?

3. ब्रांड गुजरात के बाद क्या मोदी ब्रांड इंडिया श्रृंखला बना पाने में भी सफल हो पाएंगे?

4. सबसे अहम सवाल, क्या भाजपा में चल रहा अंतर्कलह उसको मुख्य विपक्षी दल से सत्ताधारी दल में रूपांतरित करने में एक बड़ी बाधा सिद्ध होगी?


जागरण जंक्शन इस बार के फोरम में अपने पाठकों से इस बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे पर विचार रखे जाने की अपेक्षा करता है। इस बार का मुद्दा है:


नरेंद्र मोदी भाजपा के भावी उद्धारक या एक तानाशाह व्यक्तित्व ?


आप उपरोक्त मुद्दे पर अपने विचार स्वतंत्र ब्लॉग या टिप्पणी लिख कर जाहिर कर सकते हैं।


नोट: 1. यदि आप उपरोक्त मुद्दे पर अपना ब्लॉग लिख रहे हों तो कृपया शीर्षक में अंग्रेजी में “Jagran Junction Forum” अवश्य लिखें। उदाहरण के तौर पर यदि आपका शीर्षक भाजपा के भावी उद्धारक है तो इसे प्रकाशित करने के पूर्व भाजपा के भावी उद्धारक – Jagran Junction Forum लिख कर जारी करें।


2. पाठकों की सुविधा के लिए Junction Forum नामक कैटगरी भी सृजित की गई है। आप प्रकाशित करने के पूर्व इस कैटगरी का भी चयन कर सकते हैं।


धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार




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31 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

pitamberthakwani के द्वारा
August 9, 2012

आज तक मोदी जी को एक अच्छा सी एम् माना जा रहा है पर क्या पी एम् के लिए भी फिट हो सकते हैं?.क्या आप कह सकते है की यदि वे गुजरात में सफल हुए तो डेल्ही में भी सफल होंगे ही?,ऐसा नहीं है.मोटर के पहीये में स्कूटर कापहीया लग सकता है ,क्या ?हो सकता है की वे सफल हों ,पर यह दावे से नहीं कहा जा सकता.फिर भी उन्हें चांस मिलना चाहीये ही.कुछ भी हो वे एम्.एम्.सिंह से तो अछे ही रहेंगे .वे ताना शाह भी तो अब इस देश को एक तानाशाह की जरूरत ही लगती है

vivek pandey के द्वारा
July 23, 2012

jo log ye keh rahe hai ki modi ek tanashah vyakti hai ho sakta hai wo kafi had tak sahi ho…..par hamein yeh bhi nahi bhulna chaiye ki aaj desh ke haalat kaise hain ..aur kya aise wakt me koi kathor nnirnay lena wala yogya vyakti is desh PM nahi hona chaiye…..ya to hum is wakt jhute loktantra ki duhaai dete rahe aur har sakaar ho koste rahe….ya fir koi kathor kadam uthane wale vyakti ke haanth me desh ki baagdor de ab faisla aap logon ko karna ….?

sharma harmesh के द्वारा
July 3, 2012

MODI HE EK AISA VAYAKATI HAI JISKI DESH KO JARURAT HAI.HUMNE PEHLE BHEE EK AISA PM PAYA HAI JSNE DESH KO UCHAI KE BULANDION PAR PUHCHAYA HAI. AB PHIR HUM KO MODI KE RUP MAIN EK SHASHAKAT, PM KEE JARURAT HAI KUCH LOG NA JAANE UNKE SHAVI KO VIGARNE KA KAAM KARNE LAGE HUE HAI. UNKO CHAHEY KE WOH APNE GIRIVAAN MAIN JHANK KAR DEKHE KE VOH KITNE SECULAR HAI.DESH KO UCHA DEKNA CHAHTE HAI TO MODI KI LAYKAT KO SAMJHO OR AISA KARNA CHHOR DO…….SIRF MODI SIRF MODI HE HUMARA ABHIAN HONA CHAHEY….JAI HIND.

Harpal के द्वारा
June 26, 2012

सियासी चाल तो हमेशा होती आयी है आज कोई नया क्यूँ करेगा?

Avadhut के द्वारा
June 23, 2012

नरेंन्द्र मोदी उस शेर का नाम है जिसके आने की आहट मात्र से कई लोगो का कलेजा कॉप जाता है. इतने चौर बैठे है इस राजनीती की बिसाद पर एक बार एक तानाशाह को भी मौका दे कर देखो.  नरेन्द्र मोदी जी तानाशाह है या नहीं ये प्रश्न केवल वही जबाब दे सकते है जिन्होने उनकी आग की लपट को मेहसूस किया है. वैसे एक अचछा तानाशाह ही कुछ हद तक एक आचछा शासक होता है.

dharamsingh के द्वारा
June 21, 2012

मोदी हि्दुओ मे अकेला मर्द है वरना एक अरब हि्दुओ मे सभी गुलाम व कायरो की सेना है जिनका आत्म सम्मान नही है.अच्छा हो ये सैकुलर आत्महत्या कर ले ये हिन्दुओ पर कंलंक हैइनका कोई जमीर नही. सोनिया के सामने हाथ जोड खडे रहते हैंमुलायम ,नीतिश,लालू,बालठाकरे,अडवानी,सुषमा आत्म हत्या कर ले तो हिन्दुओ का आधा पाप कट जाय.इनका कोई भरोसा नही.गान्धी के बोये काटे 50 साल और नही कटते. मेरी तमन्ना है मोदी प्रधान  मन्त्री बने.मोदी की निन्दा करने वाले असल बाप की औलाद नही

U C Pathak के द्वारा
June 20, 2012

१.मोदी का तानाशाह रवैया समस्त भारत की जनता के लिए एकदम अस्वीकार्य है. यह और गोधरा कांड की उनकी सांप्रदायिक छबि उन्हें एक लोकतान्त्रिक सरकार के मुखिया के तौर पर एकदम अयौग्य बना देती है. 2. नरेंद्र मोदी खुद को राष्ट्रीय पहचान दिलवा पाने में कितना सफल हो सकते हैं यह इस पर निर्भर करता है की जनता में कितने लोग ऐसे हैं जो एक tanashah और सांप्रदायिक को देश की सरकार के मुखिया के तौर पर स्वीकार करने को तैयार हैं. मैं समझता हूँ वह सफल नहीं होंगे. 3. ब्रांड गुजरात के बाद क्या मोदी ब्रांड इंडिया श्रृंखला बना पाने में भी सफल नहीं हो पाएंगे क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय इस बात पर बहुमत में हैं कि भारत tanashah और सांप्रदायिक को देश की सरकार के मुखिया के तौर पर नहीं चुनेगा चाहे विकास थोडा धीमा ही क्यों न हो. 4. हाँ, ऐसा लगता है कि भाजपा में चल रहा अंतर्कलह उसको मुख्य विपक्षी दल से सत्ताधारी दल में रूपांतरित करने में एक बड़ी बाधा सिद्ध होगी.

    pitamberthakwani के द्वारा
    August 16, 2012

    u p pathak ji, आज इस देश को तानाशाह की ही जरूरत है इस समय आप अपनी सोच को थोड़ा लचीला बना सके तो ठीक होगा.यह बात सही है की बी.जे. पी के ही कारन मोदी पी एम् नहीं बन पायेंगे!

Dr Vinod Tewari के द्वारा
June 20, 2012

मोदी ही एकमात्र उद्धारक है  भाजपा इन दिनों अन्तर्कलह से जूझ रही है। वर्चस्व की लड़ाई चरम सीमा पर है । राष्ट्रीय स्तर पर अटल बिहारी  बाजपेयी की विदायी के बाद सर्वस्वीकार्य नेता का अभाव हो गया है। नरेन्द्र मोदी एक विश्वसनीय एवं लोकप्रिय नेता के रूप उभरे हैं किन्तु पार्टी तथा सहयोगी दलों के अन्य नेता उनसे इसी कारण भयभीत हैं कि यदि एक बार मोदी  प्रधानमंत्री बन गये तो उन्हें समवयस्क नेताओं के प्रधानमंत्री बनने की अभिलाषा लम्बे समय तक पूरी  नहीं हो सकेगी ।           जहां तक साम्प्रदायिकता की बात है तो क्या नरेन्द्रमोदी से अधिक साम्प्रदायिक कांग्रेस नहीं है जो      धार्मिक आधार पर आरक्षण की वकालत करके राष्ट्र को साम्प्रदायिक आधार बांटने की साजिश रच रही है।  कसाब को फांसी देने में इसीलिये देर की जा रही है क्योंकि वह मुसलमान है। गुजरात में केवल एक बार दंगे हुए उसके बाद से वहां शान्ति है। न हिन्दू भयग्रस्त हैं और मुस्लिम जबकि कश्मीर में निर्दोष हिन्दुओं की हत्यायें  रोज होती है।          विकास पुरुष मोदी ने गुजरात में विकास का इतिहास  रचा है इसलिये प्रधानमंत्री पद के सही उम्मीदवार वे ही हैं। एक सतपुरुष , कल्याणकारी और विश्वसनीय तानाशाह भी भ्रष्ट ,झूठे, चुनावपूर्व जनता से किये गये वादे भूलजाने वाले, छद्रमधर्मनिरपेक्षवादी उदारवादी से श्रेष्ठ है।                       

चन्दन राय के द्वारा
June 20, 2012

नरेंदर मोदी धर्मनिरपेक्ष छवि बनाने में असफल हुए है ,दुसरे शब्दों में कह सकते उनके प्रयास इस मिथ को और तोड़ते से प्रतीत होते है , मै इसके लिए वंहा के दंगो , SIT की रिपोर्ट ,राहुल भट्ट के वक्तव्य ,और जाकिया जाफरी के हलफनामे को इसका आधार नहीं बनाना चाहता , ———- इसके लिए में समय समय पर सार्वजानिक मंचो पर उनके मुस्लिम विरोधी तहरीरे की तरफ ध्यान ले जाना चाहूंगा , उस दृश्य की तरफ आपका ध्यान खीचना चाहूँगा ,जब सद्भावना दिवस पर इक मुस्लिम इमाम की सद्भावना टोपी को उन्होंने अपने सर पर पहनने से इनकार कर दिया था , ——– देश को ऐसे नेता की जरुरत है ,जो सारे वर्णों ,धर्मो ,जातिओं को इकरूप में देखे ,

Jamos sablok के द्वारा
June 19, 2012

सत्ता रूड़ को आसानी से तानाशाह की उपाधि दी जा सकती है लम्बे समय तक शासन करने से सत्ता की लायन में लगे लोगों में असंतोष पनपना सत्ता का एक अवगुण है जहांगीर और शाहजहाँ इसके उदहारण है यहाँ तक की शांत स्वभाव वाले डाक्टर मन मोहन सिंह और उनके धुर्र विरोधी लाल कृषण आडवानी पर भी भी आज कल कमोबेश ऐसे ही आरोप लग रहे हैं खुले आम लग रहे है धड़ल्ले से लग रहे है

suresh Sharma के द्वारा
June 19, 2012

satya to hai ki desh ko is samay modiji jaise neta ki hee jaroorat hai. Desh kee janata, specially hindu agar is samay ek jut nahi hue to rastra virodhi saktiyan des ka kachoomer avashya nikal degi. Isliye, kewal modi ji ek aise neta hain jo des ko sahi rah par le ja sakte hain. bhagwan desh ki janta ko sadbuddhi de aur des ko doobne se bachaye. Jai Hind Jai Maa Bhartee

bharodiya के द्वारा
June 19, 2012

1. मोदी का तानाशाह रवैया उन्हें किस सीमा तक समस्त भारत की जनता के लिए स्वीकार्य बना सकता है? —स्विकार्य नही बनता तो जनता का दुर्भाग्य ही होगा । कौन सी तानाशाही । तानाशाही में जनता पूलीस से डरती है । वहां गुजरात में पूलीस ही जनता से डरती है । आडा टेढा काम नही कर सकती । जनता उसे सीधा कर देती है । ईस का मतलब ये नही की जनता बदमाश है । जनता में तकत आ गई है । कोइ तानाशाह ये ताकत नही दे सकता । रास्ते पर पूलिस की तैनाति बहुत कम मिलेगी । जरूरत ही नही रही । लोगों के पास टाईम ही नही है गुनाह करने का । 2. आज भी भाजपा में आडवाणी जैसे कई नेता मौजूद हैं तो ऐसे में नरेंद्र मोदी खुद को राष्ट्रीय पहचान दिलवा पाने में कितना सफल हो सकते हैं? —ये तो अडवानी को समजना होगा । अपनी ईच्छा पूर्ति के लिये देश के भविष्य के साथ खिलवाड कराना है या नरेन्द्र मोदी जैसे सक्षम आदमी को मौका देना है । 3. ब्रांड गुजरात के बाद क्या मोदी ब्रांड इंडिया श्रृंखला बना पाने में भी सफल हो पाएंगे? —गुजरात के मुकाबले ३० टका भी सफल हो जाए, बहुत हो जाएगा । 4. सबसे अहम सवाल, क्या भाजपा में चल रहा अंतर्कलह उसको मुख्य विपक्षी दल से सत्ताधारी दल में रूपांतरित करने में एक बड़ी बाधा सिद्ध होगी? —-हां, आंतर कलह बाधा ही बना है भाजप के लिए आज तक । और आगे भी बनता रहेगा । जो आंतर कलह करते हैं उन्हें तो अपनी हैसियत बतानी पडती है । ये काम नरेन्द्र मोदी कर सकते हैं यदी जनता का साथ हो । भारत की जनता को ही तय करना है । नरेन्द्र मोदी तनाशाह है या नही । अगर है तो तानाशाह चाहिए या चोर लूटेरे चाहिए -

    Shivendra Mohan Singh के द्वारा
    June 19, 2012

    बहुत सुंदर कहा बरोदिया जी ….. आज देश को आगे ले जाने वाला तानाशाह चाहिए या चोर लुटेरे ?

    suresh Sharma के द्वारा
    June 19, 2012

    satya bachan barodiya ji.

    vijay के द्वारा
    June 22, 2012

    मोदी से बेहतर भारत के पास कोइ विकऴ़प नही है ।

MOHIT JAIN के द्वारा
June 18, 2012

आज वर्तमान में देश जिन teen समस्याओ से जूझ रहा hai है वो है भ्रीष्टाचार, आर्थिक व्वयस्था, आतंकवाद ! वर्तमान me जो कांग्रेस और अन्य डाली की मिलीजुली सारकार है उसमे वो मदद नहीं है की वो इन तीनो तकलीफों से देश को निजाद दिला सके. उसका कारन है वह सारकार अपने ही विरोधियो से घिरी हुई है… अगर एक बार सिर्फ एकबार नरेन्द्रमोदी को देश की बागडोर सँभालने के लिए दे दी जाये तो हो सकता है की देश का कुछ भला हो सके… रही बात तानाशाही की तो जो कुछ लोग है जो उन्हें और उनके व्याक्तित्य को गलत तरीके से पेश कर रहे है..  जब हम तरह तरह के लोगो को देश की कमान दे सकते है तो एक सच्चे देश्पुत्र को क्यों नहीं… उनका काम करने का अंदाज़ एक दम अलग है… अगर आप अपने देश का भला चाहते है और देश को तीनो समस्याओ से मुक्ति दिलाना चाहते है तो नरेन्द्रमोदी ही सही चोइस है… “जय हिंद” “JAY BHARAT”

Neyaz Akhtar के द्वारा
June 18, 2012

Aisa nahin Ki BJP koi Galat party hai.Magar kuch logon ki kartoot se yeh badnam hui, agar BJP ko kendra mein ana hai to sab ko sath lekar chalna hoga, kyonki yeh desh sarva dharma sadbhavna ka desh hai, aisa koi bhi kam BJP ke liye hanikarak hoga jisse Party ya samaj ahat hota hai

    suresh Sharma के द्वारा
    June 19, 2012

    samaj ya kewal muslim community. Satya to ye hai ki kendra main soniya ko aur ab U.P. main mulayam ko , public ko lootne ka aur des ko barbad karne ka liscence Muslim logon kee hi den hai. Lekin is bar to kewal modi ji aur koi bhi nahi. tabhi des ka bhala ho sakta hai, samjhauta badi rajneeti se nahi aur nahi kisi ek kaum ke talwe chatne se.

neyaz Akhtar के द्वारा
June 18, 2012

Aisa nahi ki BJP koi Galat Party hai, magar kuch log gandi rajniti se is party ko Kalankit kiya hai, Yeh Bharat Desh sarwa dharm sadbhavna se chalta hai, Magar narendra modi ki kartoot BJP ki naiya dubo degi, Isliye BJP ko future mein kendra mein ana hai to harlogo ko apne sath lekar chalna hoga.

Shiva के द्वारा
June 18, 2012

बिलकुल साहिब जब भारत की जनता विदेशियों पर भरोसा कर सकती है तो एक बार सबको किसी तुरंत परिणामदायी स्वदेशी पर भी भरोसा कर ही लेना चाहिए मै इस बात का पुरजोर समर्थन करता हूँ और शायद भारत की ८०% जनता भी येही चाहती होगी क्योंकि जब आज तक जब अनजान और मोम के पुतलो को ( केवल देखते रहने वाले ) लोगो को सत्ता सौपने का रिस्क लिया है तो किसी अच्छे काम करने वालो को एक मौका देने के लिए समर्थन देने में क्या बुराई है वेसे भी आजतक भारतीय गलत काम खुद करते है और दोष किस्मत को देते है और मै पूर्ण असहमति जताता हूँ उन लोगो से जो की अपना मत का प्रयोग कैसे करना है यह नहीं जानते और फलां पार्टी में क्या हो रहा है , कौन किसे रख रहा है कौन किसे निकाल रहा है उसमे रूचि ले रहे है इनसे अगर पूछा जाये की आप अपने असल जिंदगी में कितने ईमानदार है तो यह जमीं कुरेदने लगेंगे इनसे पूछिए अगर यह राजनीती के इतने ही ज्ञाता है तो क्यों न यह भी एक बार अपना भाग्य अजमाने राजनीती में चले जाये ?

Imam Hussain के द्वारा
June 18, 2012

जो देश के दिल में नहीं रह सकता वो उस देश वासियों का हाकिम या मालिक कैसे बन सकता है जो अभी तक एक सिमित घेरौंदे में सिमित है जो पुरे भारत वासियों के दिल में जगह नहीं बना सका, ज़ात पात की राजनीति करने वाला एक तानाशाह ही हो सकता है और तानाशाह किसी की परवाह नहीं करता वो सिर्फ अपना ही भला चाहता है, सबसे बड़ी बात ये है के अभी तक ये सब राज नेता दुसरे की ग़लतियों को देखते आ रहे हैं और ढूँढने में लगे हैं खुद को कोई नहीं देखता के वो राष्ट्र हित में है या नहीं सबसे पहले श्री नरेंदर मोदी को सबसे प्यार और एक समान देखना होगा साबित करना होगा के वो सबके प्रति दिल में प्यार रखते हैं तब कहीं प्रधान मंत्री के सपना को देखना अच्छा लगेगा . अफ़सोस हमारे भारत को सही लीडर नहीं मिला इस लिए आज हम कहीं के नहीं , क्योंके सभी अपने अपने घेरौंदे तक सिमित हैं किसी को पुरे भारत से कोई सरोकार नहीं .

Ramesh Nigam के द्वारा
June 18, 2012

Modi’s charismatic personality will definitely relieve India of the dictatorship in the garb of dictators like MAYA, SONIA, MAMTA etc on one hand and the gift of corruption that the Parliamentry democracy has given us. He will bring the nation out of indecisive state on one hand and the MOGHULS like M S Ahluwalia, who are themselves guzzlers of $ in millions, while declare a common man as above Poverty Line who spends Rs 29.00. If he becomes the PM, INdia will definitely be able to gain self respect in the international community.

Dr Rajeeva Ranjan के द्वारा
June 18, 2012

This is a day dream for BJP or any leader of this party.However Mr Narendra Modi is the only capable leader in this party.

    suresh Sharma के द्वारा
    June 19, 2012

    not only in this party but in the whole country as well.

alok chantia के द्वारा
June 18, 2012

नरेन्द्र मोदी ………………..क्या आपको पता है कि इस नाम का मतलब ????????????? नरो का इंद्र यानि सम्राट पर भारत में तो प्रजातंत्र है ….और प्रजातंत्र में सम्राट तो हो ही नही सकता तो क्या नरेंद्र मोदी इंग्लैंड के महाराजा है जो सर्वोच्च है ………….हो सकता है हमारे देश में दबे कुचले लोग अकसर अपना नाम मेनेजर , डॉक्टर , प्रोफ़ेसर , राजा, दुलारे , और न जाने क्या क्या और बेचारे नरेंद्र मोदी ने इसी लिए अपना नाम रख लिया हो …………और आज तो भारत में इन्ही की महिमा है और जिस देखो वही दलित , मुस्लिम की राजनीती कर रहा है तो बेचारे प्रजातंत्र में नरेंद्र अपने नाम को क्यों न भुनाए हा वो बात अलग है कि बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद …और यह भी तो है कि अगर बंदर के हाथ में उस्तरा दे दिया जायेगा तो वह अपना ही सर कटेगा ……………जी आप इसको संजय जोशी से जोड़ कर क्यों देख रहे है ………….गडकरी साहब को क्या आप बिना पेंदे का लोटा समझते है जो सिर्फ नरेंद्र के कारण हा में हा मिलायेंगे उनकी …… नरेंद्र जी अटल जी से जाकर मिल लीजिये दुनिया में ही स्वर्ग का एहसास हो जायेगा …..क्या आपको वो नरक लगता है ….खैर आप शायद जानते नही है यह राम का देश है जहाँ गद्दी मिलते मिलते वनवास ज्यादा मिलता है …नही विश्वास आ रहा तो मिल लीजिये प्रणव दादा से जो प्रधानमंत्री बनते बनते रब्बर स्टंप …………………… हा हा वही मैडम जी के प्यादे ………मेरा मतलब तो यह नही है …..मै तो सम्मानित राष्ट्रपति की बात कर रहा हूँ मजाक नही कर रहा हूँ आप भी राष्ट्र पति बनने की ज्यादा सोचिये क्योकि आपको अपने लिए क्षमा याचना नही करनी पड़ेगी …….और तो और आप के ऊपर कुछ होगा भी नही ………….आप तो पुलिस अधीक्षक तक को बर्बाद ……….मेरा कहने का मतलब दंड देने में सक्षम है …..भाई भारतीय जनता पार्टी एक अंधेर नगरी की तरह है और अँधेरे में तो सिर्फ आपको ही दिखाई देता है …..आप अपने को जानवर मत समझिये भाई मै तो मुहावरे की बात कर रहा हूँ .अंधेर नगरी चौपट राजा …………….पर आप तो बिलकुल ऐसे आँख तरेर रहे है मानो चोर की दाढ़ी में तिनका और आपकी दाढ़ी है भी अम्तिभा से बढ़िया …………..अमिताभ को भी किसी ने बताया था कि उनके ख़राब दिन तभी कहातम होंगे जब व दाढ़ी रखेंगे और भाई अमिताभ को देखिये करोड़ पति और करोडपति बहु मिल गई तो आपके तो पूरी दाढ़ी दाढ़ी और आपको कलमाड़ी से राजा से अंतर पार्टी अंतरण क्रायक्रम के अनतर्गत ट्रेनिंग ले लेनी चाहिए क्यों कि देश को बताना , बेचना तो आना ही चाहिए …………..क्या आप ऐसा नही करेंगे ?????????????? क्यों आपके पूर्व पार्टी अध्यक्ष तो घुस लेते पकड़े जा चुके है ………….आप के पास भी धुध से धुले लोग तो है नही ……पर इस देश के लोगो को मदारी का खेल देखने में अफ़ी मजा आता है वैसे तो बंदर हर समय घूमते रहते है पर जब मदारी गा कर बंदर को नचाता है तो देश के लोग ताली बजाते है और आपके भाषण पर तो ताली सुना खूब बजती है और तो और पैसे भी देते है ……………हा हा आपके यह तो टाटा भी पैसा लगाना चाहते है , अम्बानी आपके मदारीपन से खुश है ही तो फिर आपकी पार्टी आप से अपने यह के बंदरो ………….नही भैया नेता और कार्यकर्ता को नाचवाएगी ही और देश कि जनता आप पर पैसा लुटाने को तैयार है ही ………………वैसे मदर बन कर रहेंगे तो मस्त रहेंगे बंदर भीअप्पके पास रहेंगे और सुख भी और फिर आपको जेर्मनी के हिटलर की तंशी का अंत तो पता ही है …..आरे बहिया खुद को गोली मार लो , उससे तो अच्छा है कि आदमी बन कर रहो वरना शैतान को मारने के लिए इस देश के भगवान आदमी के रूप में पैदा होकर संघार करते है और प्रजातंत्र में वोट का सुदर्शन चक्र लिए आदमी भागवान से कम तो है नही ………………….तो लुटती लोटिया को दीजिये सहारा और पानी पार्टी के केवट बनिए वैसे भी आप तो समुन्द्र के किनारे रहते है और ज्वार भांटा में में जहाज़ खेना भी जानते होंगे ……………नही जानते तो गई भैंस पानी में …………………अब तो आपके हालत पर यही कह सकता हूँ कि होइए वही जो राम ………नही नही नरेन्द्र रच राखा………………….क्या हुआ नरेंद्र जी …………….देश और काल को समझिये वरना सर मुड़ते ही ओले पड़ने वाले है .नेन्द्र जी ……………नही नही सम्राट जी ????????????////

    Ramesh Nigam के द्वारा
    June 18, 2012

    After going through this write up, it is clear that moderation is essential before pasting the matter on the board.

    AJAY के द्वारा
    June 19, 2012

    yoU HAVE VERY GOOD KNOWLEDGE OF HINDI & AS WEL AS DECTECTOR & POLITICS . i DRAW YOUR ATTENTION TOWARDS OTHER PARTIES WHERE THEY ARE TOTALY DOMINENT BY ONLY ONE PERSON .E.G. CONGRESS- DECTECT BY GANDHI , SP- BYMULAYAM SINGH,BSP-BY MAYAWATI,JD(u)- NITISH KUMAR,RJD-LALU, INLD-CHAUTALA,DMK-KARUNANIDI ETC. EVERY ONE KNOWN HOW THEY ARE CURREPT, EXCEPT THEY CAN’T COUGHT IN FORNT OF CAMERA. I WANTS TO ASKED SOME QUESTION. HOW SONIYA & HER FAMILY ENJOY HIS LIFE WITH OUT GET ANY RESPONSIBLE POST IN GOVT. ANY BODY HAS ANSWER ABOUT LIFESTYLE, HOW TO SPENT MIL. OF RUPEE OVER HER , SON , DAUGHTER, SON IN LAW & OTHER FAMILY MEMEBER’S. WHY YOU HAVE NOT TALK FOR THIS.

    Shivendra Mohan Singh के द्वारा
    June 19, 2012

    लुटेरों के गैंग का एक और सदस्य, न लूट पाने का मलाल निकाल रहा है…

    suresh Sharma के द्वारा
    June 19, 2012

    aur kuchh sir phire jaise ki alok chantia, shivendra mohan singh, des kee lutiya dubane kee soch rahe hain. Ishwar inkee akl thikane pe laye.

    brijesh kumar के द्वारा
    July 28, 2012

    jo log abhivakti ki swatantrta ki bat karate hai unko shayad ye nahi pata hai ki usi constitution me apane dharma ko bhi manane ki swatantrata hai ydi modi doosare dharma ko nahi manate topi nahi pahanate hai to ye uska niji mamla hai kya doosare dharma ki manyatao ko manana hi dharma nirpekshata ki kasauti hai isi constitution ke adarsh hai ki dharma aur rajneeti alag alag hai vaise rastra ko ek achhe neta ki jaroorat hai ek achhe neta ko kade dicision lene ke liye will powar aur dictatorship dono ka hona jaroori hai uske liye modi hi ek yogya person hai vaise kisi darshanik ne thik hi kaha hai ki mai 100 chuhoo se shashit hone ke bajay ek sher se shashit hona pasand karoonga ishwar ne do surya nahi banaye hai isliye do rajao ki jaroorat nahi hai isi ki den se hai avikhandit chaina inkoin 100 chuho ko baitha ke abhi kitane bharat chahiye


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